अपूर्व घोष  महासचिव (एफबीडीओआई)  
साक्षात् जीवन सुरक्षा कवच 

स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "वैश्विक उत्सव" विश्व रक्तदाता दिवस-2024 के प्रेरक और पावन पर्व पर भारत की सुप्रसिद्ध और प्रतिष्ठित
महादान 
समाजसेवी संस्था फेडरेशन ऑफ ब्लड डोनर ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से नोएडा में स्थित राष्ट्रीय जैविक संस्थान (NIB) के प्रांगण में स्वस्थ एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ाने के उदेश्य से 14, 15 और 16 जून, 2024 को स्वैच्छिक रक्तदान पर एक कार्यशाला का आयोजन हो
रहा है। जिसको करने का मतलब व् मकसद केवल एक ही है। निस्वार्थ रूप से स्वैच्छिक रक्तदान को बढावा देना। विशेष कर उन लोगों की अन्तरात्मा को जीवंत व जागृत करने के उद्देश्य से भी यह कार्यक्रम हो रहा है। जो लोग रक्तदान करने से डरते हैं या जो लोग अपने घर परिवार के बीमार सदस्यों के लिए रक्त की आवश्यकता होने पर अपने आस-पास के लोगों को रक्त की सहायता के लिए ढूढ़ते रहते हैं। विश्व रक्तदाता दिवस -2024 के लिए फेडरेशन ऑफ ब्लड डोनर ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी जनरल "श्री अपूर्वा घोष जी" के प्रयास से भारत के विभिन्न राज्यों के रक्तदाताओ, समाजसेवियों व समाजसेवी संगठनों को सुरक्षित व स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति प्रशिक्षित, प्रेरित व् प्रोत्साहित करने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। भारत में रक्तदान के क्षेत्र में यह कार्यक्रम बहुत विशाल, अनोखा व अलग तरह का होने वाला है जो आने वाले आगामी दिनों में असंख्य असहाय, बीमार व पीड़ित लोगो के जीवन को सुरक्षा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। 


विश्व रक्तदाता दिवस -2024 के उपलक्ष्य पर  FBDOI  संस्था का थीम है।




कार्ल लैंडस्टीनर
विश्व रक्तदाता दिवस पूरे विश्व मे प्रति वर्ष 14 जून को मनाया जाता है। यह दिन मानव शरीर विज्ञान में नोबल पुरस्कार प्राप्त विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर की याद में रक्तदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। 14 जून 1868 को इस महान वैज्ञानिक का जन्म हुआ था। इनके द्वारा मानव रक्त में उपस्थित रक्तकणों का ए, बी और ओ समूह में वर्गीकरण किया गया था। इस वर्गीकरण ने चिकित्सा विज्ञान को मानव जीवन सुरक्षित करने में जो प्रेरक व महत्पूर्ण योगदान दिया। उस महत्वपूर्ण योगदान के लिए कार्ल लैंडस्टीनर को सन् 1930 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

अपूर्व घोष  महासचिव (एफबीडीओआई)
विज्ञान की खोज ने जहां धरा पर तरक्की के असंख्य  आयाम लिखे हैं, वहीं कुछ चीजे आज भी ईश्वर ने अपने पास ही रखी हुई है। जिसका विकल्प ढूँढ पाना पूरी दुनिया के प्राणी मात्र के लिए आज भी एक सपना है। कहते हैं कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है, इसी प्रकार के प्रेरक उद्देश्यों से यदि हमारे रक्त की चंद बूंदों से किसी के घर का चिराग बुझाने से बच सकता है। तो आइए मानवता की निस्वार्थ सेवा में अपना प्रेरक योगदान दें कर मानवता का परिचय दें....... और रक्तदान करें। किसी भी रक्तदान शिविर में दिया गया रक्त "गुप्तदान" के साथ-साथ सर्वोत्तम "महादान दान" की श्रेणी में आता है वैसे ही जो रक्त हमें हमारे घर-परिवार या रिश्तेदारों को देना पड़े, उसे दान नहीं बल्कि दुनियादारी निभाना कहते हैं। इसी उदेश्य को देखते हुए 
फेडरेशन ऑफ ब्लड डोनर ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया के प्रेरक पर्यास  से तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

रक्तदान कीजिए,
शिविर लगाइए,
इस तरह पूरी दुनिया में,
मानवता के मन्दिर बनाइए.....



भारत के कई प्रतिष्ठित सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों के श्रेष्ठ व् वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान की कार्यशाला में स्वैच्छिक व सुरक्षित रक्तदान के लिए इस कार्यक्रम में सम्मिलित रक्तदाताओं व समाजसेवी संस्थाओं को प्रेरित, प्रोत्साहित व् प्रशिक्षित किया जाएगा ।




ये केवल मात्र हमारा परिधान ही नहीं है, बल्कि इसमें हमारे श्रेष्ठ दान - धर्म वाली समृद्ध संस्कृति, परिवेश, संस्कार और मिट्टी की महक के साथ खून व जनून की महक भी विद्यामान है। 

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सहाय लोगों की निस्वार्थ भाव से की गई सेवा-सहायता ईश्वर की सच्ची भक्ति व आराधना है। ईश्वर की इस आराधना में जो कुछ भी स्वेच्छा से नि:स्वार्थ रूप दान किया जाता है, सही मायने में वही दान श्रेष्ठ दान की श्रेणी में आता है। 
जीवन सुरक्षा कवच  
 तीन दशक से .............निरंतर व्  तत्पर !!

जिंदगी जियो ऐसी सदा दिलशाद रहे।
मैं न रहूँगा, तुम न रहोगे,
फिर भी रहेगी .................. निशानियाँ ॥💓


!! जय हिन्द !! जय रक्तदाता!! 
Rgds... BLOOD DONOR Nk Shimla !!🙏