#122वाँ_रक्तदान_दिनांक 18.10.2024

लोगो ने अमीरों से दान पाए होंगे
हमने फकीरों से वरदान पाए हैं।

सृष्टि पर मनुष्य जीवन ईश्वर और प्रकृति का दिया सर्वश्रेष्ठ उपहार है। यही उपहार समय चक्र के पहिये के अनुसार निरंतर नश्वर व क्षण-भंगुर होता रहता हैं, जो एक ऐसा शाश्वत सत्य है जिसको बड़े बड़े ऋषि- मुनि या सिद्ध पुरूष भी नही बदल पाएं हैं। प्रत्येक जीवन के जन्म के साथ ही उसके महानिर्वाण की तारीख़ भी निश्चित हो जाती है। भले ही आज विज्ञान ने अपनी श्रेष्ठता के असंख्य आयाम लिखे है पर ईश्वर ने आज भी कुछ चीजें अपने हाथ मे रखी हुई हैं जैसे रक्त का कोई विकल्प नही बन पाया उसी तरह जीवन के महानिर्वाण के समय व तारीख का पता भी नही लग पाया है, वो समय और तारिक केवल ईश्वर को ही पता हैं।

हमारे जीवन के महानिर्वाण की वो तारीख आये और जीवन मे फुलस्टॉप लग जाये, उससे पहले इस नश्वर शरीर से यदि किसी असहाय, जरूरतमंद व पीड़ित का जीवन रोशन होता हैं तो इससे बड़ा न कोई पुण्य, कोई न परोपकार हैं।

आप स्वस्थ हैं तो किसी असहाय अजनबी को अपना निस्वार्थ रक्तदान दे कर ........ टूटती सांसों के शिल्पकार बनें ...व ... खुशियां बांटे ! !

ज़िन्दगी जियो ऐसी के सदा दिलशाद रहे!!
मै न रहूँगा तुम न रहोगे
फिर भी रहेगी.................. #निशानियाँ
#रक्तदान !! #नेत्रदान !! #अंगदान !! #देहदान !!
✍️Rgds...
#रक्तदान .... साक्षात जीवन सुरक्षा कवच